भुवनेश्वर, 11 सितंबर । राज्य सरकार के निर्देश पर राज्य के मुख्य शासन सचिव मनोज आहूजा ने भ्रष्टाचार रोकने और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी विभागों और जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। पत्र के माध्यम से सभी अतिरिक्त मुख्य शासन सचिव, प्रमुख शासन सचिव, राज्य भ्रष्टाचार निरोध निदेशालय के महानिदेशक, सभी विभागीय आयुक्त, शासन सचिव, राजस्व आयुक्त एवं जिलाधिकारियों को बताया गया कि राज्य सरकार स्वच्छ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन के प्रति प्रतिबद्ध है।
भ्रष्टाचार निरोध विभाग द्वारा चिह्नित मामलों के अनुसार, सक्रिय और निरंतर ध्यान देते हुए रोकथाम और प्रतिकारात्मक कदम उठाना आवश्यक है। केवल दोषियों को दंडित करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि भ्रष्टाचार के मूल कारणों को प्रशासनिक, कानूनी, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक उपायों के माध्यम से समाप्त करना जरूरी है।
मुख्य शासन सचिव ने निर्देश दिया है कि विभाग संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर, मामलों के निर्माण से पहले पूर्वनिवारक कदम उठाएं। ई-प्रोक्योरमेंट, ई-टेंडरिंग, मानव संसाधन प्रबंधन, सेवा वितरण, नागरिक शिकायत निवारण, ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और जनविश्वास बिल जैसी पहल को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
इसके साथ ही आंतरिक सचेतना समिति का गठन कर, लंबी और छोटी अवधि की कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं। डिजिटल प्लेटफॉर्म और ओडिशा लोकसेवा अधिकार अधिनियम के तहत नागरिकों को समय पर सेवाएं और प्रत्यक्ष फीडबैक उपलब्ध कराया जाए।
मुख्य शासन सचिव ने स्पष्ट किया कि इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कर, कड़े प्रतिरोधात्मक उपायों के माध्यम से एक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन स्थापित करना प्राथमिकता होगी।