— पूर्व मे इन्ही सब कारणों से माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम मे बंद कराया जा चुका है बंदना नर्सिंग होम
मऊ (एफआई नेटवर्क)। जिले मे इलाज के दौरान हुई चार मौत के बाद अस्पतालो की बैधता की जाँच मे 10 फिट चौड़ी गली मे अबैध तरीके से संचालित बंदना नर्सिंग होम कों पूर्व मे माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बंद किये जाने के बाद दुबारा स्वास्थ विभाग के रजिस्टर मे बैध घोहित किये जाने की खबर है।
स्वस्थ महकमा और मुख्य अग्नि समन अधिकारी का कार्यालय मिलकर अबैध हॉस्पिटलो से लिफाफा वसूल रहे है। एक शर्त पूरी करता है तों दूसरा दफ्तर उस पर मुहर लगाने के बदले मे लिफाफा लेता है। इस बींच माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद तक के आदेश कों ये दफ्तर गंभीरता से नहीं लेते है, जिसका उदाहरण 6 फिट चौड़ी गली मे अबैध तरीके से संचालित बंदना नर्सिंग होम है।
गाजीपुर तिराहे पर मौजूद बंदना नर्सिंग होम, हड्डी रोग विशेषज्ञ डा के सी राय द्वारा इसी गली स्थित उनके ही आवास कम हॉस्पिटल मे संचालित होता था। इस हॉस्पिटल के ऊपर से हाई टेंशन बिजली के तार के जाने के कारण, माननीय उच्च न्यायालय मे दाखिल जनहित याचिका संख्या 1074/2024 मे पारित आदेश के बाद प्रसाशन डा के सी राय के उक्त भवन मे संचालित बंदना नर्सिंग होम कों सील कर दिया था ।
इसके बाद डा के सी राय ने , डा सुरेंद्र नाथ राय के भवन मे, जो उनके ब्यक्तिगत भवन कम हॉस्पिटल के दो तीन मकान पहले उसी गली मे मौजूद है, मे अपने बंदना नर्सिंग होम के अबैध संचालन का निर्णय लिया, जिसके संचालन मे न सिर्फ विभागीय अफसरों ने सहयोग किया बल्कि विभागीय अफसरों की इतनी कृपा बरसी की हॉस्पिटल उसी 8 फिट चौड़ी मे मुख्य अग्नि समन अधिकारी के दफ्तर से मिले एन ओ सी के कारण वैध हो गया।
मुख्य अग्नि समन अधिकारी ने अविधिपूर्ण तरीके से अग्नि समन की एन ओ सी देकर अबैध बंदना नर्सिंग होम कों अबैध होते हुए अविधिपूर्ण तरीके से वैध घोषित कराने मे पदीय अधिकारों का दुरूपयोग किया। नियमानुसार 18 मीटर से कम चौड़ी गली / रास्ते मे हॉस्पिटल कों फायर सेफ्टी की NOC नहीं दी जा सकती है।
