मऊ (एफआई नेटवर्क )। मुख्य चिकित्साधिकारी की तरफ से रजिस्टर्ड निजी नर्सिंग होम्स की सूची जारी की गईं। जारी सूची मे ऐसे हॉस्पिटलो के भी नाम है जो न सिर्फ नेशनल बिल्डिंग कोड 2005 का उल्लंघन कर बनाये गए है बल्कि उत्तर प्रदेश बिल्डिंग बायलॉज के खिलाफ है। लेकिन सीएफ ओ द्वारा कानून कों ताक पर रख कर NOC जारी की गईं है।सूची के अधिकांश हॉस्पिटल 20 फिट की गली मे है और जो गली मे नहीं है वह भवन संहिता के खिलाफ निर्मित है।
बिना इंस्पेक्शन मुख्य अग्नि सामन अधिकारी ने अनापत्ती प्रमाण पत्र जारी किया है। सीएमओ द्वारा वैध हॉस्पिटलो की जारी सूची, उन कागजो पर बनी है जिसको पजीकरण के दौरान हॉस्पिटल प्रबंधन ने तथ्यों का छुपाव और कूट रचित दस्तावेज दिए है।
क्योंकि 20 फिट की गली के अंदर 30 शैय्या के हॉस्पिटलस नहीं पंजीकृत किये जा सकते ये तों सभी सौ शैय्या के है जिनमे से अधिकांश के रास्ते 20 फुट की चौड़ी गली मे मौजूद है। आसानी से फायर बिभाग का कोई वाहन हॉस्पिटल तक नहीं पहुंच सकता है।
अगर इस सूची कों ववैध मन लिया जाये तों सीएमओ ने आँख मूद कर अपने यहाँ पंजीकृत हॉस्पिटलो की सूची तैयार की है क्योकि अधिकांश हॉस्पिटल सूची के अनुसार मौके पर नहीं है। इस लिए इन सुचिबद्ध हॉस्पिटलो की भी जाँच न्यायहित और समाजहित मे जरूयी है।
मजे की बात यह है कि शारदा नारायण हॉस्पिटल कों ब्रह्मस्थान मे स्थित बताया गया है जबकि यह हॉस्पिटल साहदतपुरा मे मौजूद है। वायरल इस सूची का फर्स्ट जनफार्मेशन्स समर्थन नहीं करता है। सीएमओ कों ज़ब फर्स्ट कन्फर्मतिओन्स ने वायरल सूची की वैधता जानने के लिए उनके सरकारी फोन पर रिंग किया गया तों उन्होंने फोन नहीं उठाया।
