मऊ। जिले के ग्राम पंचायत पदार्थपुर के सुरेश गोड़ के नाम राजस्व कर्मचारियों ने वर्ष 2014 मे अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र क्या जारी किया उसने इसी परमन पत्र को अपनी कमाई का जरिया बना लिया। एस सी एसटी का मुकदमा दर्ज सरकारी लाभ तों लिया ही होने पड़ोसी को जेल मे डलवाने की भी योजना बना मुकदमा दर्ज करा दिया।

राजस्व विभाग के सूत्रों की माने तों विकास खंड बड़राव के गांव पदरथापुर का सुरेश गोड़ जिसकी उपजाति कहार हैं और उसके पिता का अनाम चतुरी गोड़ हैं, ने दिनांक 7/7/2014 को राजस्व कर्मचारियों को अपनी साजिस मे लेकर अपने नाम अनुसूचित जान जाति का प्रमाण पत्र ले कर अपने पड़ोसी के खिलाफ थाना मधुबन मे एस सी एसटी एक्ट के साथ अन्य धाराओं मे मुकदमा पंजीकृत कराया।

विवेचक ने भी राजस्व विभाग के प्रमाण पत्र के आधार पर उसको अनुसूचित जनजाति का मानकर बिना तथ्य मामले मे आरोप पत्र दाखिल कर दिया। सुरेश गोड़न के द्वारा दर्ज कराये गए मुकदमे के आरोपी रहे संजय मिश्रा ने उसके द्वारा राजस्व विभाग से फर्जी तरीके से हथियाये प्रमाण पत्र को चुनौती दी।
जिलाधिकारी के द्वारा मामले की सुनवाई के बाद सुरेश के द्वारा प्राप्त किये प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया। बताते चले की फर्स्ट कनफार्मेशन के द्वारा चालाये गए इस मिशन मे, मऊ जिले मे ग्राम पंचायत और लेखपालों के नाम उजागर हो रहे जो गोड़ रहते हुए गोंड बनकर नौकरी कर रहे हैं। किस आधार पर इनको राजस्व विभाग ने गोंड विरादरी का जाति प्रमाण पत्र जारी किया हैं? को लेकर फर्स्ट इनफार्मेशन पत्राचार मे हैं।
निरंतर घन घना रहे फोन
जिला जाति सत्यता समिति की रिपोर्ट के आधार पर फर्स्ट इनफार्मेशनस नाम सहित खबरों को सुधी पाठको के बींच रखने की जनहित मे प्रयास रत हैं, खबर प्रकाशन के बींच फर्स्ट इनफार्मेशन के पास ऐसे ब्यक्तियो का भी फोन घन घनाया जिन्हे खबर के प्रकाशन पर ऑब्जेक्शन रहा।
फर्स्ट इनफार्मेशन्स उनसे लिखित रूप से होने ऑब्जेक्शन को फर्स्ट इनफार्मेशन के दफ्तर पर मुहैया कराने की बात कही गईं। इस बीच लोगो ने गोंड विरादरी को लेकर जारी शासनादेश मे गोंड को गोड़ पढ़ा जाने का फर्स्ट इनफार्मेशन्स पर दबाव बनाया जाता रहा हैं। उधर सुरेश का कहना हैं की उनके सर्टिफिकेट सही व सच हैं, मै गोंड जाती ही हूँ, जाँच कर अधिकारी जे मुझे दिया हैं जाति प्रमाण पत्र।
